सोमवार, 7 जून 2010

कनफुजिया गए है..........प्रकाश झा जी............नहीं चली उनकी राजनीति..............!!!

हाँ........!! लगता तो ऐसा ही है कि प्रकाश  झा जी थोड़े कन्फ्यूजन में है.
             वास्तव में प्रकाश झा जी को को समाज के वाश्तविक ज्वलंत मुद्दों पर फिल्म निर्माण के लिए जनता जानती है. लेकिन शुक्रवार को रिलीज हुई उनकी फिल्म ''राजनीति'' दर्शकों को समझ से ज्यादा कन्फ्यूजन पैदा कर रहा है.समझना मुश्किल  है कि उन्होंने इस फिल्म के माध्यम से दर्शकों को क्या बताना चाहा है.
                          जो भी हो प्रकाश जी का बिहार के राजनीति में उतरना  और बुरी तरह हार जाना किसको नहीं याद है. सायद  प्रकाश झा जी राजनीति के गन्दगी का आत्म अनुभव इस फिल्म के माध्यम से दर्शकों को बताना चाह रहे हों. लेकिन इतने गंभीर परिणाम देने वाले राजनीति के कीचड़ में सच्चाई जानकर भी वो उतर रहे है...........लगता है कनफुजिया गए है............पूर्वोत्तर के दर्शकों ने तो ऐसा ही कहा.........आप क्या कहते है........!!!
        

8 टिप्‍पणियां:

  1. वस्तविक - वास्तविक

    मुस्किल - मुश्किल

    सायद - शायद

    ऊतर - उतर

    ठीक करें

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  2. वैसे ये तो सही है कि फिल्म बनाते वक्त प्रकाश झा कन्फ्यूजन के शिकार तो जरूर हो गए हैं। खासकर ये बात उनकी फिल्म राजनीति को देखने के बाद दिमाग में आती है। लेकिन ये भी सच है कि राजनीति को सिनेमाघरों में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। अब ये कमाई कितनी कर पाती है राम जाने।

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  3. bilkul sahi kahe........prakash jha ko lagta hai ki sab bihar ke LJP ki rajniti ki tarah hai.......nahi chali unki rajniti....

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  4. itna hi gandagi hai to aap kyu jana chahte hai isme prakash jha ji..........kuchh to hai ...........

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  5. प्रकाश जी ने अपने साथ खेली गयी राजनीती का ही वर्णन कर दिया है...

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  6. after his 2 election defeat plus several flop projects for Bihar and Jharkhand. He really seems to be confused now wht to do next.

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